शब्द या प्रार्थना ध्यान का आधार हो सकती है। ध्यान भटकना स्वाभाविक है; सहज लौटना और मन को जबरन खाली करना अलग हैं। यहाँ ॐ, छोटे नाम और सबके कल्याण की प्रार्थना हैं।
साँस स्वाभाविक और आसन सुविधाजनक रखें। अभ्यास से परेशानी बढ़े तो रुकें और उचित सहायता लें।
प्रारम्भिक सम्पादकीय संस्करण · परम्परागत पाठ और उच्चारण की विशेषज्ञ समीक्षा लंबित है।
ॐ
ॐ को पवित्र प्रणव माना जाता है। इसका स्मरण मन को एकाग्र करने और साधना प्रारम्भ करने के लिए किया जाता है।
अर्थ और अभ्यास पढ़ें ↗पारम्परिक मंत्रॐ नमः शिवाय॥
भगवान शिव को प्रणाम और समर्पण का सरल मन्त्र।
अर्थ और अभ्यास पढ़ें ↗पारम्परिक मंत्रॐ नमो नारायणाय॥
भगवान नारायण का श्रद्धापूर्वक स्मरण।
अर्थ और अभ्यास पढ़ें ↗पारम्परिक प्रार्थना / श्लोकसर्वे भवन्तु सुखिनः।
सभी सुखी हों, सभी निरोग रहें, सभी शुभ देखें और कोई दुःखी न हो।
अर्थ और अभ्यास पढ़ें ↗पारम्परिक मंत्रॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
शान्ति की प्रार्थना और स्मरण।
अर्थ और अभ्यास पढ़ें ↗नहीं। श्रद्धा से प्रार्थना पढ़ने के लिए किसी विशेष अनुभूति को पाना आवश्यक नहीं।
नाम-स्मरण में एक नाम याद किया जाता है। निर्धारित जप में परम्परा के नियम हो सकते हैं। हर पाठ की श्रेणी पढ़ें और अपरिचित विधि के लिए मार्गदर्शन लें।
नि:शुल्क प्रार्थना अपने आप में पर्याप्त हो सकती है। व्यक्तिगत रिपोर्ट और मानव समीक्षा अलग, वैकल्पिक सेवाएँ हैं।
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