राहु गायत्री
Rahu Gayatri
राहु गायत्री क्या है?
राहु से सम्बद्ध पारम्परिक गायत्री प्रार्थना। संग्रह में यह राहु प्रार्थना गायत्री-रूप में है। पुस्तकालय में होने से राहु भय या विपत्ति का कारण नहीं ठहरता।
ॐ शिरोरूपाय विद्महे अमृतेशाय धीमहि। तन्नो राहुः प्रचोदयात्॥
लिप्यन्तरण और उच्चारण
Om śirorūpāya vidmahe amṛteśāya dhīmahi | tanno rāhuḥ pracodayāt ||
Om shiroroopaaya vidmahe amriteshaaya dheemahi · tanno raahuh pracodayaat ·
यह रोमन लिपि में पढ़ने की सहायता है, प्रमाणित उच्चारण-पाठ नहीं। aa, ee और oo लम्बे स्वर दर्शाते हैं। संस्कृत की ध्वनि और पाठ-भेद शिक्षक से सीखें।
हिन्दी अर्थ
राहु से सम्बद्ध पारम्परिक गायत्री प्रार्थना।
English meaning
Traditional prayer associated with Rahu.
पारम्परिक सन्दर्भ
संग्रह में यह राहु प्रार्थना गायत्री-रूप में है। पुस्तकालय में होने से राहु भय या विपत्ति का कारण नहीं ठहरता।
मैं कैसे शुरू करूँ?
केवल राशि के आधार पर ग्रह-उपाय न चुनें। अर्थ पढ़ना और निर्धारित उपाय करना अलग हैं। औपचारिक साधना से पहले परम्परा, उद्देश्य और सीमाएँ समझें।
स्वच्छ, सुविधाजनक और शान्त जगह चुनें। अर्थ पढ़ें और शब्द धीरे सीखें। सामान्य स्मरण में समय, माला और संख्या का दबाव न बनाएँ। औपचारिक संकल्प अपनी परम्परा के अनुसार सीखें।
गुरुशक्ति पर सुनें
इस पाठ की गुरुशक्ति रिकॉर्डिंग अभी उपलब्ध नहीं है। सम्बन्धित भजन सुन सकते हैं; उसे इस मंत्र के उच्चारण का पाठ न मानें।
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राहु गायत्री का अर्थ क्या है?
राहु से सम्बद्ध पारम्परिक गायत्री प्रार्थना।
क्या इस पाठ के लिए मार्गदर्शन चाहिए?
इस पाठ को मार्गदर्शन अनुशंसित श्रेणी में रखा गया है। औपचारिक अभ्यास से पहले उच्चारण और परम्परा समझें।
मेरी राशि के लिए कौन-सी ग्रह-प्रार्थना सही है?
केवल राशि व्यक्तिगत साधना निर्धारित करने के लिए पर्याप्त नहीं है। यह संग्रह जानकारी के लिए है, उपाय निर्धारित नहीं करता।
पाठ का स्रोत और समीक्षा
गुरुशक्ति द्वारा दिए गए संग्रह की प्रविष्टि 97। देवनागरी और दोनों अर्थ संलग्न सामग्री से लिए गए हैं। समीक्षा का विवरण नीचे दिया गया है।
प्रारम्भिक सम्पादकीय संस्करण · परम्परागत पाठ और उच्चारण की विशेषज्ञ समीक्षा लंबित है।
सम्पादकीय संस्करण: