बृहस्पति प्रणाम
Brihaspati Pranama
बृहस्पति प्रणाम क्या है?
देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान और मार्गदर्शन के प्रतीक के रूप में प्रणाम। श्लोक बृहस्पति को गुरु रूप में प्रणाम करता है। शीर्षक और अर्थ शिक्षक से जुड़ी भक्ति-भाषा स्पष्ट करते हैं।
देवानां च ऋषीणां च गुरुं काञ्चनसन्निभम्। बुद्धिभूतं त्रिलोकेशं तं नमामि बृहस्पतिम्॥
लिप्यन्तरण और उच्चारण
devānāṃ ca ṛṣīṇāṃ ca guruṃ kāñcanasannibham | buddhibhūtaṃ trilokeśaṃ taṃ namāmi bṛhaspatim ||
devaanaam ca risheenaam ca gurum kaanycanasannibham · buddhibhootam trilokesham tam namaami brihaspatim ·
यह रोमन लिपि में पढ़ने की सहायता है, प्रमाणित उच्चारण-पाठ नहीं। aa, ee और oo लम्बे स्वर दर्शाते हैं। संस्कृत की ध्वनि और पाठ-भेद शिक्षक से सीखें।
हिन्दी अर्थ
देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान और मार्गदर्शन के प्रतीक के रूप में प्रणाम।
English meaning
Traditional salutation to Brihaspati as Guru.
पारम्परिक सन्दर्भ
श्लोक बृहस्पति को गुरु रूप में प्रणाम करता है। शीर्षक और अर्थ शिक्षक से जुड़ी भक्ति-भाषा स्पष्ट करते हैं।
मैं कैसे शुरू करूँ?
केवल राशि के आधार पर ग्रह-उपाय न चुनें। अर्थ पढ़ना और निर्धारित उपाय करना अलग हैं। औपचारिक साधना से पहले परम्परा, उद्देश्य और सीमाएँ समझें।
स्वच्छ, सुविधाजनक और शान्त जगह चुनें। अर्थ पढ़ें और शब्द धीरे सीखें। सामान्य स्मरण में समय, माला और संख्या का दबाव न बनाएँ। औपचारिक संकल्प अपनी परम्परा के अनुसार सीखें।
गुरुशक्ति पर सुनें
इस पाठ की गुरुशक्ति रिकॉर्डिंग अभी उपलब्ध नहीं है। सम्बन्धित भजन सुन सकते हैं; उसे इस मंत्र के उच्चारण का पाठ न मानें।
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बृहस्पति प्रणाम का अर्थ क्या है?
देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान और मार्गदर्शन के प्रतीक के रूप में प्रणाम।
क्या इस पाठ के लिए मार्गदर्शन चाहिए?
सरल पढ़ने और नाम-स्मरण से शुरुआत की जा सकती है। औपचारिक संकल्प के नियम अपनी परम्परा में पूछें।
मेरी राशि के लिए कौन-सी ग्रह-प्रार्थना सही है?
केवल राशि व्यक्तिगत साधना निर्धारित करने के लिए पर्याप्त नहीं है। यह संग्रह जानकारी के लिए है, उपाय निर्धारित नहीं करता।
पाठ का स्रोत और समीक्षा
गुरुशक्ति द्वारा दिए गए संग्रह की प्रविष्टि 94। देवनागरी और दोनों अर्थ संलग्न सामग्री से लिए गए हैं। समीक्षा का विवरण नीचे दिया गया है।
प्रारम्भिक सम्पादकीय संस्करण · परम्परागत पाठ और उच्चारण की विशेषज्ञ समीक्षा लंबित है।
सम्पादकीय संस्करण: