बृहस्पति मूल मंत्र
Brihaspati Moola Mantra
बृहस्पति मूल मंत्र क्या है?
देवगुरु बृहस्पति का पारम्परिक मन्त्र। यहाँ बृहस्पति का मूल रूप है। इसी पुस्तकालय की गायत्री और प्रणाम दोनों से अलग है।
ॐ बृं बृहस्पतये नमः॥
लिप्यन्तरण और उच्चारण
Om bṛṃ bṛhaspataye namaḥ ||
Om brim brihaspataye namah ·
यह रोमन लिपि में पढ़ने की सहायता है, प्रमाणित उच्चारण-पाठ नहीं। aa, ee और oo लम्बे स्वर दर्शाते हैं। संस्कृत की ध्वनि और पाठ-भेद शिक्षक से सीखें।
हिन्दी अर्थ
देवगुरु बृहस्पति का पारम्परिक मन्त्र।
English meaning
Invocation of Brihaspati/Guru.
पारम्परिक सन्दर्भ
यहाँ बृहस्पति का मूल रूप है। इसी पुस्तकालय की गायत्री और प्रणाम दोनों से अलग है।
मैं कैसे शुरू करूँ?
मंत्र और पूजा आर्थिक देनदारियाँ समाप्त नहीं करते और पेशेवर वित्तीय योजना का विकल्प नहीं हैं। देनदारियाँ और तारीखें लिखें, ज़रूरत पर ऋणदाता से बात करें और उपाय के लिए उधार न लें।
स्वच्छ, सुविधाजनक और शान्त जगह चुनें। अर्थ पढ़ें और शब्द धीरे सीखें। सामान्य स्मरण में समय, माला और संख्या का दबाव न बनाएँ। औपचारिक संकल्प अपनी परम्परा के अनुसार सीखें।
गुरुशक्ति पर सुनें
इस पाठ की गुरुशक्ति रिकॉर्डिंग अभी उपलब्ध नहीं है। सम्बन्धित भजन सुन सकते हैं; उसे इस मंत्र के उच्चारण का पाठ न मानें।
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बृहस्पति मूल मंत्र का अर्थ क्या है?
देवगुरु बृहस्पति का पारम्परिक मन्त्र।
क्या इस पाठ के लिए मार्गदर्शन चाहिए?
इस पाठ को मार्गदर्शन अनुशंसित श्रेणी में रखा गया है। औपचारिक अभ्यास से पहले उच्चारण और परम्परा समझें।
क्या ऋण-मुक्ति का अर्थ कर्ज अपने आप मिट जाना है?
नहीं। यह भक्ति की भाषा है। अनुबन्ध और भुगतान की जिम्मेदारियाँ बनी रहती हैं। विशिष्ट साधना के लिए उचित मार्गदर्शन चाहिए।
पाठ का स्रोत और समीक्षा
गुरुशक्ति द्वारा दिए गए संग्रह की प्रविष्टि 87। देवनागरी और दोनों अर्थ संलग्न सामग्री से लिए गए हैं। समीक्षा का विवरण नीचे दिया गया है।
प्रारम्भिक सम्पादकीय संस्करण · परम्परागत पाठ और उच्चारण की विशेषज्ञ समीक्षा लंबित है।
सम्पादकीय संस्करण: