नरसिंह प्रार्थना
Narasimha Prayer
नरसिंह प्रार्थना क्या है?
भगवान नरसिंह के रक्षक और शक्तिशाली स्वरूप की स्तुति। श्लोक में नरसिंह की प्रबल छवि है। यह भक्ति-पाठ की भाषा है, पाठक के आसपास खतरे का प्रमाण नहीं।
उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्। नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम्॥
लिप्यन्तरण और उच्चारण
ugraṃ vīraṃ mahāviṣṇuṃ jvalantaṃ sarvatomukham | nṛsiṃhaṃ bhīṣaṇaṃ bhadraṃ mṛtyumṛtyuṃ namāmyaham ||
ugram veeram mahaavishnum jvalantam sarvatomukham · nrisimham bheeshanam bhadram mrityumrityum namaamyaham ·
यह रोमन लिपि में पढ़ने की सहायता है, प्रमाणित उच्चारण-पाठ नहीं। aa, ee और oo लम्बे स्वर दर्शाते हैं। संस्कृत की ध्वनि और पाठ-भेद शिक्षक से सीखें।
हिन्दी अर्थ
भगवान नरसिंह के रक्षक और शक्तिशाली स्वरूप की स्तुति।
English meaning
Traditional praise of Narasimha's protective form.
पारम्परिक सन्दर्भ
श्लोक में नरसिंह की प्रबल छवि है। यह भक्ति-पाठ की भाषा है, पाठक के आसपास खतरे का प्रमाण नहीं।
मैं कैसे शुरू करूँ?
उच्चारण कठिन लगे तो शान्तिपूर्वक पढ़ें या सुनें। वास्तविक सुरक्षा के उपाय बनाए रखें। डर से रोज़मर्रा का जीवन प्रभावित हो तो प्रार्थना के साथ योग्य सहायता भी लें।
स्वच्छ, सुविधाजनक और शान्त जगह चुनें। अर्थ पढ़ें और शब्द धीरे सीखें। सामान्य स्मरण में समय, माला और संख्या का दबाव न बनाएँ। औपचारिक संकल्प अपनी परम्परा के अनुसार सीखें।
गुरुशक्ति पर सुनें
इस पाठ की गुरुशक्ति रिकॉर्डिंग अभी उपलब्ध नहीं है। सम्बन्धित भजन सुन सकते हैं; उसे इस मंत्र के उच्चारण का पाठ न मानें।
भजन और वीडियो देखें →आपके प्रश्न
नरसिंह प्रार्थना का अर्थ क्या है?
भगवान नरसिंह के रक्षक और शक्तिशाली स्वरूप की स्तुति।
क्या इस पाठ के लिए मार्गदर्शन चाहिए?
सरल पढ़ने और नाम-स्मरण से शुरुआत की जा सकती है। औपचारिक संकल्प के नियम अपनी परम्परा में पूछें।
क्या रक्षा-मंत्र सुरक्षा की गारंटी है?
नहीं। सामान्य सुरक्षा उपाय और ज़रूरत पर तत्काल सहायता आवश्यक हैं। भक्ति किसी खतरनाक परिस्थिति को सुरक्षित नहीं बना देती।
पाठ का स्रोत और समीक्षा
गुरुशक्ति द्वारा दिए गए संग्रह की प्रविष्टि 55। देवनागरी और दोनों अर्थ संलग्न सामग्री से लिए गए हैं। समीक्षा का विवरण नीचे दिया गया है।
प्रारम्भिक सम्पादकीय संस्करण · परम्परागत पाठ और उच्चारण की विशेषज्ञ समीक्षा लंबित है।
सम्पादकीय संस्करण: